Mar 07, 2026

उत्तराखंड पीसीएस अधिकारियों का आईएएस बनने का सपना सच: बंसीलाल राणा प्रमोटेड, अन्य रिक्तियों पर जल्द होगी डीपीसी

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देहरादून। उत्तराखंड में राज्य सिविल सेवा (PCS) से भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में पदोन्नति का लंबे समय से चल रहा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DOPT) द्वारा जारी आदेश के बाद पीसीएस अधिकारी बंसीलाल राणा को आईएएस कैडर में पदोन्नत कर दिया गया है। वहीं वरिष्ठ अधिकारी भगवत किशोर को मरणोपरांत आईएएस पदोन्नति का लाभ दिया गया है। दरअसल, वर्ष 2022 की रिक्तियों के सापेक्ष उत्तराखंड कैडर में पीसीएस से आईएएस पदोन्नति की प्रक्रिया काफी समय से लंबित चल रही थी। इस मामले में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने हाल ही में विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक आयोजित की, जिसके बाद पदोन्नति का रास्ता साफ हो गया।

वर्ष 2022 के लिए आईएएस पदोन्नति कोटे में दो पद रिक्त थे। इन पदों को भरने के लिए उत्तराखंड शासन की ओर से सात पीसीएस अधिकारियों के नाम यूपीएससी को भेजे गए थे। आयोग ने इन नामों पर विचार करते हुए वरिष्ठता के आधार पर दो अधिकारियों का चयन किया। वरिष्ठता सूची में पहले स्थान पर रहे अधिकारी भगवत किशोर का पहले ही निधन हो चुका था, लेकिन चूंकि रिक्तियां वर्ष 2022 की थीं, इसलिए उन्हें मरणोपरांत पदोन्नति के लिए शामिल किया गया। इसके साथ ही वरिष्ठता सूची में दूसरे स्थान पर रहे पीसीएस अधिकारी बंसीलाल राणा को भी पदोन्नति का लाभ दिया गया है। डीओपीटी द्वारा आदेश जारी होते ही बंसीलाल राणा आधिकारिक रूप से आईएएस कैडर में शामिल हो गए हैं। वर्तमान में वह महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग में निदेशक के पद पर कार्यरत हैं और लंबे समय से प्रशासनिक सेवाओं में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। इस पदोन्नति प्रक्रिया का एक अहम पहलू यह भी रहा कि उत्तराखंड सरकार ने वर्ष 2022 के साथ-साथ 2023 और 2024 की रिक्तियों को भी एक साथ शामिल करते हुए डीपीसी कराने की इच्छा जताई थी। राज्य सरकार का मानना था कि तीनों वर्षों की रिक्तियों को एक साथ भरकर लंबित पदोन्नतियों का निस्तारण कर दिया जाए। हालांकि फिलहाल केवल वर्ष 2022 की रिक्तियों के आधार पर ही पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी की गई है।

इस निर्णय का असर अन्य अधिकारियों पर भी पड़ा है। वरिष्ठता सूची में आगे होने के बावजूद पीसीएस अधिकारी नरेंद्र कुरियाल को इस बार आईएएस पदोन्नति का अवसर नहीं मिल सका। यदि दिवंगत अधिकारी भगवत किशोर को मरणोपरांत पदोन्नति के लिए शामिल नहीं किया जाता तो संभावना थी कि नरेंद्र कुरियाल को भी आईएएस कैडर में पदोन्नति मिल सकती थी। हालांकि आने वाले समय में अन्य पीसीएस अधिकारियों के लिए आईएएस बनने की संभावनाएं अभी भी बनी हुई हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 के सापेक्ष दो पद और वर्ष 2024 के सापेक्ष चार पद अभी भी रिक्त हैं। इन पदों को भरने के लिए भविष्य में फिर से विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक आयोजित की जाएगी। प्रशासनिक हलकों में माना जा रहा है कि यदि जल्द ही 2023 और 2024 की रिक्तियों के लिए डीपीसी आयोजित होती है तो कई वरिष्ठ पीसीएस अधिकारियों को आईएएस कैडर में पदोन्नति का अवसर मिल सकता है। इससे लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे अधिकारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल बंसीलाल राणा के आईएएस कैडर में शामिल होने के साथ ही राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिए पदोन्नति का रास्ता एक बार फिर खुलता दिखाई दे रहा है, जबकि दिवंगत अधिकारी भगवत किशोर को मरणोपरांत मिला यह सम्मान उनकी सेवा और योगदान को यादगार बना गया है।