Mar 23, 2026

उत्तरकाशी प्रशासन के सामने चुनौती: अधूरे पुनर्निर्माण कार्यों के बीच यमुनोत्री में तीर्थयात्री सुरक्षा सुनिश्चित करना आज

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उत्तरकाशी। आगामी चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां तेज होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन यमुनोत्री धाम में व्यवस्थाएं अभी भी अधूरी नजर आ रही हैं। यात्रा शुरू होने में कुछ ही दिन शेष हैं, बावजूद इसके सुरक्षित स्नान घाटों और रास्तों का निर्माण पूरा नहीं हो सका है, जिससे तीर्थपुरोहितों और स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है।

जानकारी के अनुसार, पिछले वर्ष आई आपदा में यमुनोत्री धाम को भारी नुकसान हुआ था। स्नान घाट, पुजारी निवास, रसोई भंडार, शौचालय और घाटों के पुल बह गए थे। इसके बावजूद अब तक इनका पूर्ण पुनर्निर्माण नहीं हो पाया है। खासतौर पर यमुना नदी के तट पर सुरक्षा दीवारें नहीं बनाई जा सकी हैं और आने-जाने के रास्ते भी जोखिम भरे बने हुए हैं। तीर्थपुरोहितों का कहना है कि यदि जल्द ही व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की गईं, तो इस बार यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को खतरनाक रास्तों से गुजरना पड़ेगा, जिससे हादसों का खतरा बना रहेगा। इसी को लेकर तीर्थपुरोहितों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर शीघ्र सुरक्षा कार्य करवाने की मांग की है। पुरुषोत्तम उनियाल और मनमोहन उनियाल समेत अन्य तीर्थपुरोहितों ने आरोप लगाया कि इस वर्ष मौसम अनुकूल रहने के बावजूद भी धाम की अनदेखी की गई है। उनका कहना है कि चारधाम यात्रा में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं, ऐसे में सुरक्षा व्यवस्थाएं सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। वहीं, वन विभाग द्वारा जानकीचट्टी से यमुनोत्री तक वैकल्पिक पैदल मार्ग पर काम शुरू किया गया था, लेकिन बारिश और बर्फबारी के कारण कार्य प्रभावित हुआ है, जिससे निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं हो पाया। इस संबंध में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने आश्वासन दिया है कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है और समय रहते आवश्यक कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। गौरतलब है कि वर्ष 2026 की चारधाम यात्रा का शुभारंभ 19 अप्रैल से होगा, जब यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस बार यात्रा में पिछले वर्ष की तुलना में अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में यमुनोत्री धाम में अधूरी तैयारियां प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन सकती हैं। अब देखना होगा कि यात्रा शुरू होने से पहले व्यवस्थाएं कितनी दुरुस्त हो पाती हैं।